Friday, February 8, 2019

21 Key Points of Union Budget 2019


1. No tax on individuals having income upto Rs.5 lac.

2. Standard deduction for salaried employees raised from Rs. 40,000 to Rs. 50,000.

3. Threshold limit for TDS on rent increased from Rs.180000 to Rs.240000.

4. No tax-ability on deemed basis under the head "house property" even if an assesse has two self-occupied houses.

5. Threshold limit for TDS on interest income increased from Rs.10000 to Rs.40000.

6. Section 54 benefit will be available in respect of 2 houses.

7. Direct tax collection has increased from 6.38 lac crore to 12 lac crores.

8. 99.54% income-tax returns accepted as having been filed without any scrutiny.

9. Farmers owning land up to 2 hectares to get Rs.6000 per annum under PM Kissan Yojna and 75000 crore per year to be spent on PM Kisan Yojna.

10. 60,000 crores are being allocated for MGNREGA in Budget Expenditure 2019-20. Additional amount would be provided if required.

11. Persons working in unorganized sector and having income upto Rs.15000 per month will get pension of Rs.3,000 per month under Pradhan Mantri Shram Yogi Maandhan Yojana.

12. GST registered SME will get 2% rebate on interest on loan upto 1 Cr.

13. Farmers severely affected by natural calamities will get 2% interest subvention and additional 3% interest subvention on timely repayment of loan.

14. Anti-black money measures have brought Rs.1.30 lac crore under tax net.

15. More than 7,000 beneficiaries of PM Mudra Yojana are women. 15.56 crore loans of 7.23 lakh crore disbursed under MUDRA Yojana.

16. A sum of Rs 2.6 lakh crore has been directed towards recapitalization of Public Sector Banks (PSBs).

17. Over Rs 35,000 crore has been allocated under the ‘One Rank One Pension’ scheme for Defence personnel.

18. Under National Disaster Relief Fund (NDRF), farmers affected by natural calamities will get 2% interest subvention. A prompt repayment incentive of 3% will be given for the entire loan reschedule period.

19. Allocation for Rashtriya Gokul Mission increased to Rs 750 crore. Rashtriya Kamdhenu Aayog has been established to genetically upgrade cow resources.

20.  Benefits under Section 80-IBA to be extended for one more year – to the housing projects approved till 31 March 2020.

21. A scheme of ‘Business loans up to Rs. 1 crore in 59 minutes’ will be implemented.
#ApurvGourav 

Friday, December 28, 2018

बच्चों ने की पॉलीथिन को अलविदा कहने की अपील - जागरण लखीसराय


शहर के पूर्वी कार्यानंद नगर स्थित प्रज्ञा विद्या विहार पब्लिक स्कूल के बच्चों ने सोमवार को शहर में जागरूकता रैली निकाल कर लोगों से प्लास्टिक-पॉलीथिन उपयोग नहीं करने की अपील की। नगर परिषद लखीसराय के नगर मिशन प्रबंधक अमित कुमार सिन्हा ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्कूल के निदेशक रंजन कुमार के निर्देशन में सांता क्लॉज के वेश में जागरूकता रैली में सैकड़ों की संख्या में शामिल बच्चे हाथ में पॉलीथिन को ना कहने की तख्तियां लिए विद्यालय से निकल कर थाना चौक से चितरंजन मार्ग होते हुए केएसएस कॉलेज परिसर पहुंचा तथा पुन: वापस लौट कर बिजली ऑफिस स्थित प्रज्ञा विद्या विहार प्ले स्कूल पहुंच कर रैली नुक्कड़ सभा में तब्दील हो गई। जहां विद्यालय के निदेशक रंजन कुमार एवं नगर मिशन प्रबंधक श्री सिन्हा ने पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए बच्चों एवं शिक्षकों को प्लास्टिक-पॉलीथिन को सदा के लिए उपयोग नहीं करने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर शिक्षकों एवं बच्चों ने भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय एवं पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उनके तस्वीर पर पुष्पांजलि कर नमन किया।
जागरण लखीसराय #लखीसराय #Lakhisarai #ApurvGourav #अपूर्वगौरव

Wednesday, September 9, 2015

Bihar Election 2015

Bihar Assembly Election 2015


1st Phase: Date of notification: September 16 (Wednesday). Last date of notification: September 21 (Wednesday). Date of scrutiny: September 24. Last date of withdrawal: September 26. Date of polling: October 12, 2015. Voting in phase 1 will be held in 49 seats. Samastipur, Begusarai, Khagaria, Bhagalpur, Munger, Lakhisarai, Jamui, Banka, Nawada.

2nd Phase: Date of notification: September 21 (Monday); Last date of notification: September 28 (Monday); Date of scrutiny: September 29; Last date of withdrawal: October 1; Date of polling: October 16, 2015 (Friday); Phase 2 has 32 seats including Kaimur (Bhabhua), Arwai, Jahanabad, Aurangabad and Gaya

3rd Phase: Date of notification: Oct 8; Last date of notification: October 15; Date of scrutiny: October 17; Last date of withdrawal: October 19; Date of polling: October 28 (Thursday) .Phase 3 has 50 seats including Saran, Vaishali, Nalanda, Patna, Bhojpur, Buxar.

4th Phase: Last date of notification: October 14; Date of scrutiny: October 15; Last date of withdrawal: October 17; Date of polling: November 1 (Sunday) . Phase 4 has 55 seats including Pashchim Champaran, Poorvi Champaran, Sheohar, Sitamarhi, Muzaffarpur, Gopalganj, Siwan.

5th Phase: Last date of notification: October 15; Date of scrutiny: October 17; Last date of withdrawal: October 19; Date of polling: November 5 (Thursday) . Phase 5 will have 57 seats including Madhubani, Supaul, Araria, Kishanganj, Purnea, Katihar, Madhepura, Saharsa and Darbhanga.

Counting: November 8 2015 (Sunday)

Wednesday, May 13, 2015

मां का सम्मान करें, अपमान नहीं

लखीसराय : शहर के पुरानी बाजार कार्यानंद नगर में रविवार को मदर्स डे के अवसर पर एक गोष्ठी का आयोजन सेवानिवृत्त विश्वविद्यालय आचार्य प्रो. महेश प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में हुई। गोष्ठी को संबोधित करते हुए सेवानिवृत्त विश्वविद्यालय आचार्य प्रो. श्री सिंह ने कहा कि मां बच्चों की सलामती के लिए ईश्वर के आगे झोली फैलाती रहती है। वह हंसते-हंसते बच्चों की सारी बला अपने सिर ले लेती है। कभी प्यार तो कभी फटकार देने के बाद भी मां के दिल में बच्चों के प्रति कभी कोई द्वेष या दुर्भावना नहीं रहती है। उन्होंने कहा कि मां का सम्मान करने से जिन्दगी में कभी कोई मुसीबत नहीं आती है। उन्होंने मदर्स डे को नारी शक्ति का प्रतीक बताया। कार्यशाला में श्रमिक संघ के अध्यक्ष प्रेम कुमार, राजद नेता विष्णु पासवान, कृष्णनंदन पासवान, चिकू देवी, फूलो देवी ने अपने विचार व्यक्त किए। - Source:- Jagran

Friday, January 9, 2015

नक्सलियों के गढ़ में गुरुजी की कट रही चांदी

नक्सल प्रभावित कजरा, पीरी बाजार एवं चानन थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती जंगली-पहाड़ी क्षेत्र के विद्यालयों में विभागीय अधिकारी जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। इसका लाभ उठाकर उस क्षेत्र के विद्यालयों के विद्यालय प्रधान नक्सलियों को मैनेज करने के नाम पर छात्र-छात्राओं के हितों के लिए चलाई जा रही एमडीएम, पोशाक एवं छात्रवृत्ति योजना की राशि से अपनी तिजोरी भरने में लगे हुए हैं। इसका खुलासा कजरा शिक्षांचल अंतर्गत कन्या मवि. नरोत्तमपुर के संकुल संसाधन केंद्र समन्वयक विमल कुमार हिमांशु एवं मवि. कजरा के संकुल संसाधन केंद्र समन्वयक मनोज कुमार ने कजरा शिक्षांचल के बीईओ सीताराम सिंह को भेजे गए पत्र में किया है। कन्या मवि. नरोत्तमपुर के सीआरसीसी ने संबंधित पंचायत के मुखिया द्वारा अनुशंसित बीईओ को आवेदन दिया है। जिसमें कहा गया है कि कजरा शिक्षांचल के बीईओ के ज्ञापांक 364, दिनांक 19 दिसंबर 14 के आलोक में वे मवि. घोघी कोड़ासी, संथाली टोला सुअरकोल में पोशाक एवं छात्रवृत्ति राशि वितरण कराने हेतु प्राधिकृत किया गया। 27 दिसंबर 14 पोशाक एवं छात्रवृत्ति वितरण कराने हेतु वे उक्त विद्यालय पहुंचे। विद्यालय पहुंचने पर वे विद्यालय प्रधान योगेन्द्र प्रसाद मेहता से पोशाक एवं छात्रवृत्ति राशि वितरण के संबंध में जानकारी मांगी। परंतु प्रधान शिक्षक ने जानकारी देने से इन्कार कर दिया और कहा कि यहां नक्सलियों को मैनेज करना पड़ता है। इसी तरह मवि. कजरा के सीआरसीसी मनोज कुमार ने कजरा बीईओ को आवेदन देकर प्राथमिक विद्यालय शीतला कोड़ासी के विद्यालय प्रधान पर पोशाक एवं छात्रवृत्ति राशि वितरण में घोर अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है। कमोवेश यही स्थिति नक्सल प्रभावित सुदूरवर्ती जंगली पहाड़ी क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों की है। जहां एमडीएम, पोशाक एवं छात्रवृत्ति योजना की राशि का लाभ छात्र-छात्राओं को नहीं मिलता है। योजनाओं की राशि गुरुजी की तिजोरी में चली जाती है। वैसे इस क्षेत्र में अधिकांश विद्यालयों का संचालन भी कागजों पर होता है। कई बार विभागीय निरीक्षण में इसका खुलासा हो चुका है कि शिक्षक विद्यालय जाते ही नहीं हैं। इधर कजरा शिक्षांचल के बीईओ सीताराम सिंह ने कहा कि सीआरसीसी से मिली शिकायत की जांच की जाएगी तथा दोषी पाए जाने पर विद्यालय प्रधान के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
Source:- Jagran

Wednesday, November 19, 2014

हजारों में लगे पौधे फिर भी नहीं छायी हरियाली

संवाद सहयोगी, लखीसराय : जिले को हरा भरा बनाने के लिए वन विभाग के द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में चलाया गया पौधारोपण अभियान विभाग की फाइलों में सिमट कर रह गया है। इस अभियान का असर जिले में कहीं नही दिख रहा है। करोड़ खर्च करने के बावजूद न तो कहीं धरातल पर इस अनुपात में पेड़ लगे और न ही जिले में हरियाली आयी। ऐसा प्रतीत होता है कि वन विभाग ने फाइलों में ही पौधारोपण कर खानापूर्ति कर ली।
जानकारी के अनुसार जिले में विभिन्न क्षेत्रों में वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार दो वर्ष में दो लाख 82 हजार 256 पौधे लगाए गए। इसकी देखभाल के लिए वन विभाग ने जिले में 25 कैटल गार्ड को रखा है लेकिन जब पौधा ही नहीं है तो कैटल गार्ड की कैसी आवश्यकता। पांच वर्षों तक कैटल गार्ड के द्वारा पौधारोपण किया जाना है। बताया जाता है कि कैटल गार्ड के नाम पर विभाग ने जमकर अनियमितता की है। इसकी जांच करने के बाद वन विभाग में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी किये जाने का मामला प्रकाश में आ सकता है।
हरियाली लाने के लिए लगाये गये पौधे :
वन विभाग वन एवं सड़क किनारे हरियाली लाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में पौधारोपण अभियान चलाया। इसके तहत वर्ष 2013 में मोकामा- मुंगेर एनएच 80 पर पौधारोपण योजना के तहत 85 सौ पौधा, रामगढ़ चौक से सिरारी तक 15 सौ पौधे लगाये गये। इसके अलावा वर्ष 2014 में कजरा हिल ब्लॉक में 60 हजार, कुंदर वन रोपण क्षेत्र में एक लाख, गोपालपुर जंगल में 55 हजार, मतासी से उकसी गांव के बीच 2,256 पौधे लगाये गये। लेकिन धरातल पर इस योजना में महज खानापूर्ति की गई। जंगली क्षेत्रों के लोगों के द्वारा जिला प्रशासन से कई बार उक्त क्षेत्र के ग्रामीणों ने शिकायत की लेकिन जांच के नाम पर खानापूर्ति की गई।
- पौधों की देखभाल के लिए बहाल है किये गये कैटल गार्ड :
वन विभाग के द्वारा पौधारोपण के बाद इसकी देखभाल के लिए कैटल गार्ड बहाल किये गये हैं। करीब तीन लाख पौधों के लिए जिले में 24 कैटल गार्ड है। जबकि नियमत: 400 पौधों पर एक कैटल गार्ड को रखना था। बहाल गार्ड को पुरानी योजना में 176 रूपये एवं नई योजनाओं में 184 रूपये मजदूरी देने का प्रावधान है। सूत्रों की मानें तो सच्चाई यह है कि कैटल गार्ड के नाम पर भी गड़बड़ी बरती गई है।
- नक्सल प्रभावित क्षेत्र के नाम पर होती है लूट खसोट :
पौधारोपण योजना अधिकांशत: जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों में होती है। वन विभाग के अधिकारी इसका लाभ उठाते हुए गड़बड़ी बरत रहे है। बताया जाता है कि जिले के नक्सल प्रभावित इलाका चानन प्रखंड के कुंदर वन रोपण कार्य में वन विभाग ने व्यापक रूप से गड़बड़ी की है। यहां लाखों रूपये की योजना से एक लाख पौधा लगानी थी। लेकिन जैसे तैसे योजना का कार्यान्वयन कर विभाग ने लूट खसोट मचाया है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से भी की। लेकिन किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नही की गई। इसके अलावा नक्सल प्रभावित इलाकों के अन्य योजनाओं का भी यही हाल है।
वन पदाधिकारी ने कहा क्षेत्र में लगे हैं पौधे
लखीसराय के वनों के क्षेत्र पदाधिकारी आरएस महतो ने बताया कि पौधारोपण का कार्य जिले के अधिकांश नक्सल प्रभावित इलाकों में हो रहा है। इसके कारण परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि लक्ष्य के अनुरूप क्षेत्र में पौधा लगाये गये हैं। वहीं वन की जमीन पर अवैध कब्जा हटा कर वन लगाने के कारण ग्रामीणों के द्वारा विरोध किया जा रहा है।
#Lakhisarai #ApurvGourav

Tuesday, September 9, 2014

बालिका विद्यापीठ की अध्यक्ष डा. मृदुला बनी गोवा की राज्यपाल

 
http://www.jagran.com/bihar/lakhisarai-11582494.htmlजागरण संवाददाता, लखीसराय : नारी शिक्षा केंद्र के रूप में ख्याति प्राप्त बालिका विद्यापीठ, लखीसराय निधिपालक मंडल परिषद ट्रस्ट की अध्यक्ष डा. मृदुला सिन्हा को राष्ट्रपति ने गोवा का नया राज्यपाल नियुक्त किया है। डा. सिन्हा केंद्र में पूर्व की भाजपा सरकार के कार्यकाल में समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की रहने वाली डा. मृदुला बालिका विद्यापीठ के संस्थापक मंत्री ब्रजनंदन शर्मा के कार्यकाल में इस संस्थान की छात्रा रही है। फिर बाद में जब ब्रजनंदन शर्मा के पुत्र डा. कुमार शरदचंद बालिका विद्यापीठ के मंत्री बने तो डा. मृदुला ट्रस्ट की अध्यक्ष बनाई गई। भाजपा कार्यकर्ता के रूप में प्रभावकारी काम करने के कारण केंद्र की पूर्व की भाजपा सरकार में डा. मृदुला समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष भी बनाई गई थी। जबकि उनके पति डा. रामकृपाल सिन्हा राष्ट्रीय मोर्चा की केंद्रीय सरकार में राज्यमंत्री रह चुके हैं। डा. मृदुला नई दिल्ली से प्रकाशित मासिक पत्रिका पांचवां स्तंभ के संपादक भी हैं। डा. मृदुला सिन्हा के गोवा के राज्यपाल बनाए जाने पर बालिका विद्यापीठ की वर्तमान मंत्री सुगंधा शर्मा ने संस्थान के साथ-साथ खुद की गौरव की बात कहा है। उन्होंने कहा कि डा. मृदुला के राज्यपाल बनाए जाने के बाद बालिका विद्यापीठ संस्थान की गरिमा एक बार फिर देश स्तर पर स्थापित होने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान के जिला महासचिव नेपाल झा ने बिहार और लखीसराय जिले के गौरव की बात कहा।
#Lakhisarai #ApurvGourav